4 अगस्त 2015 - 10:38
ईरान ने क्षेत्रीय वार्ता असेम्बली के गठन का नया विचार पेश किया।

ईरान के विदेश मंत्री ने पड़ोसी देशों के साथ संबंध विस्तार की नीति के परिप्रेक्ष्य में मिस्र, लेबनान, कुवैत और क़तर के चार अरबी भाषी समाचापत्रों में एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें क्षेत्रीय वार्ता की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

ईरान के विदेश मंत्री ने पड़ोसी देशों के साथ संबंध विस्तार की नीति के परिप्रेक्ष्य में मिस्र, लेबनान, कुवैत और क़तर के चार अरबी भाषी समाचापत्रों में एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें क्षेत्रीय वार्ता की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने लेख में मध्यपूर्व में पड़ोसी देशों के साथ सहयोग में आसानी के उद्देश्य से क्षेत्रीय वार्ता असेम्बली के गठन का नया विचार पेश किया है। उन्होंने एक नैतिक सिफ़ारिश या एक रणनैतिक आवश्यकता शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित होने वाले इस लेख में कहा है कि संयुक्त लक्ष्यों और क्षेत्रीय देशों के बीच मान्य सिद्धांतों के आधार पर क्षेत्रीय वार्ता अत्यंत आवश्यक एवं प्रभावी है। उन्होंने कहा कि रणनैतिक वार्ता, क्षेत्रीय देशों के संबंधों में विस्तार का भी कारण बनेगी।
उन्होंने कहा है कि ईरान के परमाणु मामले के समाधान के बाद भी पड़ोसी व क्षेत्रीय देशों पर विशेष ध्यान, यथावत इस्लामी गणतंत्र ईरान की विदेश नीति की प्राथमिताओं में शामिल है। ज़रीफ़ ने कहा है कि सीरिया व इराक़ में आतंकवाद के संकट और अन्य क्षेत्रों में उसके प्रसार के कटु अनुभव के दृष्टिगत, आतंकवाद के ख़तरे से निपटने के लिए रणनैतिक वार्ता, क्षेत्र की आज की आवश्यकता है और इस लक्ष्य को क्षेत्रीय वार्ता की असेम्बली के गठन के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।